शिक्षा विभाग शिक्षकों के सम्मान एवं हितों की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध : शिक्षा सचिव


 शिक्षा विभाग शिक्षकों के सम्मान एवं  हितों की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध : शिक्षा सचिव

राँची, दिनांक, 24/12/22, झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल स्कूली शिक्षा एवं  साक्षरता विभाग झारखंड सरकार के  सचिव श्री के रवि कुमार से मिलकर प्रख्यात लेखक श्री धर्मबंधु जी के  द्वारा रचित पुस्तक *धर्म का यथार्थ स्वरूप* भेंट किया एवं राज्य के  शिक्षा एवं शिक्षकों के विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु विस्तृत  रूप से देर शाम लगभग 2 घंटे तक वार्ता किया। 

  प्रतिनिधिमंडल में शामिल मोर्चा के प्रवक्ता सह प्रदेश मीडिया प्रभारी  अरुण कुमार दास ने विंदुवार सभी  समस्याओं को सचिव के समक्ष संज्ञान में लाते हुए समाधान की अपील किया है। वार्ता के दौरान ही सचिव महोदय ने कई एक समस्याओं का समाधान त्वरित करते हुए अपने अधीनस्थ  कर्मियों एवं अधिकारियों को दिशानिर्देश दिया। 

संयोजक विजय बहादुर सिंह ने विभागीय कार्यालयों में शिक्षकों के  सामान्य कार्य को संपादित करने  के लिए आर्थिक एवं  मानसिक भयादोहन के साथ-साथ प्रधानाध्यापक  सहित वर्षों से लंबित प्रोन्नति को यथाशीघ्र  करने का मार्ग प्रशस्त करने की अपील  की जिस पर सचिव महोदय ने आगामी  27 दिसम्बर को प्रोन्नति से संबंधित होने वाले बैठक में शिक्षकों  के प्रोन्नति  के तमाम समस्याओं को ppt के  माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा एवं विभाग के कार्यालय में स्वेच्छाचारिता  को बंद कराने की अपनी प्रतिबद्धता  प्रकट किया है। 

       वहीँ  संयोजक अमीन  अहमद ने  सचिव महोदय के द्वारा निरीक्षण के क्रम में अखबारों तथा सोशल मीडिया  में प्रकाशित समाचार पत्रों में शिक्षकों  को लगाई फटकार जैसे बातों पर  आपत्ति दर्ज की, जिस पर  सचिव  महोदय ने  कहा कि मैंने किसी भी शिक्षक को  फटकार नहीं लगाया है और ना ही अखबारों में ऐसा बयान दिया है ऐसे खबर अखबार वालों के द्वारा तोड़ मरोड़कर छापे जाते हैं इस पर उन्हें आगे से ताकीद करने की बात कही है। 

     मोर्चा के संयोजक अमीन अहमद द्वारा 2014 -15  में  नियुक्त  ऊर्दू  शिक्षकों को योजना मद से गैर योजना  मद  में करने के आग्रह पर त्वरित रूप  से प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री चन्द्रशेखर को उक्त सम्बंध में संचिका  तैयार कर उपस्थापित करने का निर्देश  दिया है साथ ही जे सी ई आर टी के   उप निदेशक श्री प्रदीप कुमार चौबे को अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के समय सारणी  में ऊर्दू  विद्यालयों के बच्चों की ऊर्दू  विषय एवं हिंदी विषय के परिक्षा को  अलग अलग पाली में करने का निर्देश  दिया, ताकि उर्दू  विद्यालय के बच्चे भी  हिंदी एवं ऊर्दू विषय की परिक्षा दे सकें। 

संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने सचिव महोदय के द्वारा निरीक्षण के क्रम में अखबारों तथा सोशल मीडिया में प्रकाशित समाचारों में शिक्षकों को लगाई फटकार जैसे बातों पर आपत्ति दर्ज की, जिस पर सचिव महोदय ने कहा कि मैंने किसी भी शिक्षक को फटकार नहीं लगाया है और ना ही अखबारों में ऐसा बयान दिया है, ऐसे खबर मीडिया में तोड़ मरोड़कर कर छापे जाते हैं, इस पर उन्हें आगे से ताकीद करने की बात कही है। 

         प्रतिनिधिमंडल  में विजय  बहादुर  सिंह, अमीन  अहमद, अरुण  कुमार  दास  सहित  डा० सुधांशु  कुमार  सिंह ,अजय  कुमार, रमापति पांडेय, मकसूद जफर हादी , नागेन्द्र तिवारी एवं  सुधांशु  कुमार  श्रीवास्तव ने भी सचिव के समक्ष अपनी बातें रखी। 

 उपरोक्त तथ्यों के साथ वार्ता के मुख्य  विषय निम्नवत  है : -
(1) नई शिक्षक नियुक्ति होने तक  विद्यालयों में घंटी आधारित शिक्षकों एवं मध्य विद्यालय में अनुबंध पर एक  लिपिक बहाल करने की  मांग किया। 
(2) विद्यालय में कई प्रकार के  ऑनलाइन कार्यों का निपटारा करने  के लिए सचिव महोदय ने जे सी ई आर टी के निदेशक किरण कुमारी  पासी  मैडम को दूरभाष पर प्रखंड के  कंप्युटर ऑपरेटर को कार्य पूर्ण करने  की जिम्मेवारी दिए जाने संबंधी पत्र निर्गत करने का आदेश दिया। 
(3)  बात - बात  पर  शिक्षकों  के  वेतन बंद करने की परिपाटी पर कड़ी  आपत्ति जताते हुए उन्होने  आश्वासन  दिया  कि  ऐसी  पुनरावृति  विभाग  के  किसी भी अधिकारियों के द्वारा नहीं  की जाएगी!
(4) शिक्षकों के ट्रांसफर पोर्टल पर   2012 के पूर्व नियुक्त कक्षा 1 से  कक्षा  8th  तक के शिक्षकों के लिए कोई  कॉलम नहीं रहने एवं उसमें कई एक  कमियों पर ध्यान आकृष्ट  कराने  पर  उसे यथाशीघ्र दूर किए जाने की बात  कही। 
(5) बायोमेट्रिक अटेंडेंटस विभागीय  कर्मियों के लिए भी अनिवार्य करने  की बात कही। 
       इसके अतिरिक्त उत्क्रमित  वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण , राज्य के अन्य कर्मचारियों के समान एम ए सी पी का लाभ देने, शिक्षकों  की सेवा निवृति उम्र 60 वर्ष से 62 वर्ष  करने, प्राथमिक अथवा उत्क्रमित  मध्य  विद्यालय में प्रधानाध्यापक एवं एक  लिपिक का पद सृजित करने, नई  शिक्षक नियुक्ति नियमावली में  शिक्षकों का वेतनमान ग्रेड पे 4200 एवं 4600 करने एवं अपने  सेवा  काल में सभी शिक्षकोंको पूर्व की तरह एक बार अन्तरजिला स्थानांतरण की  सुविधा आदि मांगों पर उन्होंने अपनी  सहमति जताते हुए इसे माननीय मंत्री  एवं मुख्यमंत्री के स्तर पर सरकार के  समक्ष मांग रखने की बात कही है और  साथ ही साथ राज्य के सभी शिक्षक  बंधुओं से बच्चों की शिक्षा के प्रति  अपना बेस्ट देने की अपील मोर्चा के  माध्यम से किया है। उन्होंने अपने स्तर  से शिक्षकों के हितों के प्रतिकूल किसी  भी तरह की कोई प्रतिकूल कार्यवाही  नहीं करने की अपनी प्रतिबद्धता को  मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष  रखी  है। 
      मोर्चा शिक्षक हित एवं छात्र हित  के अन्य  मांगों को सरकार के समक्ष  रखने के लिए  21 जनवरी  2023  को राजभवन के समक्ष महाधरना देने  की घोषणा कर चुकी है, जिसमें राज्य  के सभी शिक्षकों को उक्त महाधरना में  अधिक से अधिक संख्या में शामिल  होने का अपील किया है । 
     |इस हेतु अपनी रणनीति एवं  कार्यनीति बनाने के लिएआगामी 27  दिसम्बर 2022 को अपराह्न 12 बजे  से धुर्वा गोल चक्कर के निकट सेक्टर  2 ,रांची  स्थित भारत मजदूर संघ  कार्यालय में मोर्चा के कोर कमेटी  के  सदस्यों की बैठक अयोजित किया है।

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